राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2020- [NPR]NATIONAL POPULATION REGISTER]

भारत में होने वाले (NPR) मुद्दे के बारे में आप को पत्ता ही होगा| जिसके कारन असम में १९ लाख लोगो को (NPR) रजिस्टर से बहार रखा गया है|जिसके कारन विवाद फ़ैल गया है| इसमें आपको बता दे की भारतीय नागरिको का लेखा जोखा रखने के लिए ( National-Population Registration एनपीआर) को तैयार करने का निर्णय लिया गया है| जिसको लेकर आज भारत में विवाद हो गया है

राष्टीय जनसंख्या रजिस्टर फॉर्म (NPR)-2020

जैसा की आप सब जानते है की अभी तक राष्टीय जनसख्या फॉर्म भरने की जानकारी हमारे ग्रह मंत्री जी ने नहीं दी है |इसमें आपको बता दे की अभी तक ग्रह मंत्री जी का कहना है की ये पहले चरण में है| वर्तमान में माता-पिता की जन्म पृष्ट्भूमि के दस्तावेज़ फ़र्ज़ी है| और (NPR)को 2010 में पहले चलाया गया था और फिर 2015 में इसका प्रयास हुआ जिसके बाद अब  2020 में इसको लागू किया जा रहा है|

क्या एक नया विचार है? (NPR)

जैसा की आपको बता की इसका विचार 2009 में ग्रह मंत्री पी. चिम्बरन जी को आया था| उन्होंने ये प्रस्ताव रखा था| की भारत में रहने वाले नागरिको के पास यहाँ की नागरिकता के दस्तावेज़ होने चाहिए लेकिन उस समय नागरिको को सरकारी लाभों के हस्तांतरण के (UIDAI) व (NPR) का टकराव हो रहा था |2016 में इसके तहत आधार कार्ड की योजना को आगे किया गया| अब 2020 में (NPR) का मुद्दा वापस लागु करने के लिए सरकार ने कदम उठाया है जो सायद एक नया विचार है लेकिन इसको लेकर विवाद का मुद्दा बढ़ गया है

एनपीआर और (NRC) में अंतर

भारत में चल रहे एनपीआर और (NRC)में क्या फर्क है| जैसा की आप जानते है की इन मुद्दों को लेकर बवाल बढ़ रहा है| इसमें एनपीआर का भारत के नागरिको से कुछ भी लेना देना नहीं है|और (NRC)भारत में रहने वाले नागरिको की पहचान करने के लिए लागु किया जायेगा जो भी लोग 6 महीने या इससे अधिक समय से स्तानीय क्षेत्र में रह रहे निवासी का (NRC) में पंजीकरण करवाना आवश्यक है

क्या है? (NPR)का उद्देश्य

भारत में रहने वाले सभी नागरिको की पहचान करना और उनका पंजीकरण (NPR) में करने से है| इसके माध्यम से सभी नागरिको को सरकारी लाभ मिल सके इसके लिए भारत सरकार ने इस को चलाया है | इस योजना में यहाँ रहने वाले नागरिको को जोड़ा जायेगा|

NPR का कार्यान्वयन

भारत सरकार द्वारा 2020 में एनपीआर के इस मुद्दे को अपडेट करने के लिए मंजूरी दे दी है |एनपीआर की शुरुआत पहले 2010 में हुई थी इसके बाद इस मुद्दे को 2015 में उठाया गया | अब २०२० में इसको लागु कर दिया है इसके लिए 15 दस्तावेज जरुरी है|

  1. वर्तमान पत्ते पर रहने की अवधि
  2. माता का नाम
  3. पिता का नाम
  4. व्यक्ति का नाम
  5. पत्ती का नाम(विवाहित है तो )
  6. लिंग
  7. शैक्षणिक योग्यता
  8. वैवाहिक स्तिथि
  9. जन्म की तारीख
  10. राष्टीयता (घोषणा के रूप में)
  11. वर्तमान पत्ते पर रहने की अवधि
  12. घर के मुखिया से रिश्ते
  13. व्यवसाय
  14. सामान्य निवास का वर्तमान पत्ता
  15. स्थाई निवास पत्ता

[NPR]राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है?

भारत में रहने वाले निवासियों का एक रजिस्टर है| इसकी शुरुआत अप्रैल महीने से होगी| एनपीआर को ग्राम पंचायत,राज्य स्तर व राष्टीय स्तर पर तैयार किया जायेगा| इससे पत्ता चलेगा की कौन नागरिक भारत का है| यह कानून नागरिता1955 के तहत तैयार होगा | इसमें सभी का पंजीकरण किया जायेगा

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